दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल/क्राइम ब्रांच (ISC) ने दो दशकों से चकमा दे रही एक शातिर और इनामी पैरोल जम्पर को गिरफ्तार कर 20 साल से अधिक लंबी फरारी का अंत कर दिया है। अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही यह महिला दोषी साल 2006 से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रही थी, जिसे हरिद्वार (उत्तराखंड) से दबोच लिया गया।
यह मामला दिल्ली के आदर्श नगर थाने में दर्ज अपहरण और हत्या का है, जिसमें अदालत ने आरोपी महिला को जघन्य अपराध का दोषी पाते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई थी।
सजा काटने के दौरान 18 जनवरी 2006 को उसे पैरोल मिली थी, लेकिन अवधि खत्म होने के बाद उसने जेल में सरेंडर नहीं किया और फरार (पैरोल जंप) हो गई।
पुलिस से बचने के लिए आरोपी महिला ने अपनी असली पहचान छिपा ली और नया नाम व वेष बदलकर रहने लगी। पिछले 20 वर्षों से वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंक रही थी।
गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर ISC, क्राइम ब्रांच की टीम ने उत्तराखंड के हरिद्वार में छापेमारी कर उसे धर दबोचा।
यह पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर पंकज मलिक के नेतृत्व, एसीपी रमेश लांबा के मार्गदर्शन और डीसीपी (क्राइम ब्रांच) श्री हर्ष इंदौरा की देखरेख व निगरानी में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। पुलिस की इस मुस्तैदी और समर्पित कार्रवाई से दो दशक पुराना यह मामला सुलझ गया है।
रिपोर्ट- सोनू आउटर नार्थ दिल्ली


