क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) की टीम को 24 साल पुराने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2002 से वांछित चल रहे आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम (मानेसर) से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दो दशकों से अधिक समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2002 का है, जब दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में हत्या (धारा 302 IPC) की एफआईआर दर्ज की गई थी। वारदात के बाद से ही आरोपी अपना ठिकाना बदलकर छिपा हुआ था।
आरोपी को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने लंबी और लगातार मशक्कत की पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित छिपने के स्थानों पर 30 से भी ज्यादा बार छापेमारी की।
आरोपी के सुराग तलाशने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम ने कई बार बिहार के अलग-अलग जिलों के दौरे किए।
पुलिस ने पुराने केस फाइलों, कॉल रिकॉर्ड्स और रिश्तेदारों के नेटवर्क का गहन विश्लेषण किया, जिससे एक मजबूत सुराग मिला।
ठोस इनपुट मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हरियाणा के IMT मानेसर (गुरुग्राम) स्थित एक रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्री में ट्रैप लगाया। पुलिस ने सटीक कार्रवाई करते हुए आरोपी को फैक्ट्री से धर दबोचा।
इस सफल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पूरी कार्रवाई एसीपी सतेंद्र मोहन के मार्गदर्शन और डीसीपी श्री हर्ष इंदौरा की सीधी निगरानी में पूरी की गई।
दिल्ली पुलिस की इस तत्परता ने साबित कर दिया है कि कानून के हाथ चाहे कितने भी देर से पहुँचें, अपराधी कभी भी सजा से बच नहीं सकता।
रिपोर्ट- सोनू आउटर नॉर्थ दिल्ली


