दिल्ली के नरेला Nia थाना क्षेत्र के अंतर्गत भोरगढ़ गाँव से बीते 16 सितंबर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता 45 वर्षीय अनिल सैनी का शव शनिवार (19 सितंबर) को रेलवे के खाली पड़े जंगलों में लावारिस हालत में बरामद हुआ।
पुलिस और परिजन पिछले चार दिनों से लगातार अनिल की तलाश कर रहे थे। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए पारिवारिक कहा-सुनी, लेनदेन का विवाद, पुरानी रंजिश, धमकी और दुर्घटना जैसे हर संभावित एंगल से जांच में जुटी हुई थी।
शनिवार सुबह परिजन अनिल की खोजबीन करते हुए एक बार फिर रेलवे के खाली पड़े जंगली इलाके में पहुंचे। घने जंगल के बीच दूर से चेरी रंग की स्कूटी दिखाई देने पर जब परिजन झाड़ियों की ओर बढ़े, तो वहां अनिल सैनी का शव देखकर वे सन्न रह गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
जिस जगह शव मिला, वह भारतीय रेलवे की संपत्ति है जिसे भविष्य में होलंबी जंक्शन के रूप में विकसित किया जाना है। फिलहाल यह इलाका पूरी तरह खाली पड़ा है और यहां घना जंगल-झाड़ फैला हुआ है।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों से औपचारिक पहचान कराई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत की असली वजह हत्या है या आत्महत्या—इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की तफ्तीश के बाद ही हो सकेगा।


