दिल्ली-NCR में सुबह और शाम की ठंडक बढ़ने लगी है, लेकिन मौसम में आ रहा यह बदलाव अपने साथ एक ऐसी परेशानी भी लेकर आ सकता है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ता है। हवा की रफ्तार धीमी पड़ने और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच राजधानी में प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई गई है। ऐसे में आने वाले दिन दिल्लीवासियों के लिए चिंता बढ़ा सकते हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 139 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हालांकि, निगरानी केंद्रों के आंकड़े बताते हैं कि कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही। पूसा में AQI 281 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है।
एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी में रह सकती है, लेकिन 21 और 22 अक्टूबर को प्रदूषण बढ़ने के साथ हवा खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। अगले छह दिनों के दौरान भी वायु गुणवत्ता खराब रहने का अनुमान जताया गया है।
वहीं, पराली जलाने की घटनाएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। ICAR-IARI की CREAMS प्रयोगशाला के सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार, 19 अक्टूबर को पांच राज्यों में पराली जलाने की कुल 98 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें उत्तर प्रदेश में 27, पंजाब में 25, राजस्थान में 24, उत्तराखंड में 18 और मध्य प्रदेश में चार घटनाएं शामिल हैं। हरियाणा और दिल्ली में उस दिन कोई घटना दर्ज नहीं हुई।
15 सितंबर से 19 अक्टूबर तक पराली जलाने की कुल 1,171 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। ऐसे में सवाल है कि अगर हवा की रफ्तार धीमी रही, तो प्रदूषण से राहत कैसे मिलेगी? आने वाले दिनों में दिल्ली-NCR की हवा पर सभी की नजर रहेगी।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


