दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार तड़के हुई मूसलधार बारिश और तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह हुई भारी बारिश के चलते सड़कों पर जलजमाव देखने को मिला, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नोएडा में भी कई जगह पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहाना हो गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने खराब मौसम को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और भारी बारिश की आशंका जताई गई। अचानक बदले मौसम का असर नवरात्रि के दौरान मंदिरों और पूजा पंडालों की तैयारियों पर भी पड़ा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे तक सफदरजंग वेदर स्टेशन पर 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट के पालम क्षेत्र में 30 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
वहीं, राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन के ऐलान ने यातायात की चुनौती बढ़ा दी। कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए करीब 30 मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया। इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दिल्ली मेट्रो के कुछ रूट पर भी असर पड़ने की जानकारी सामने आई।
आरके पुरम, कर्तव्य पथ, मध्य दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


