दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II) ने एक बड़े बहुस्तरीय और अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क विदेशी ऑपरेटरों, टेलीग्राम हैंडलर्स, म्यूल अकाउंट सप्लायर्स और क्रिप्टोकरेंसी चैनलों के जरिए एक संगठित गिरोह चला रहा था।
यह गिरोह पीड़ितों को झांसे में लेने के लिए एक सोची-समझी रणनीति का इस्तेमाल करता था
व्हाट्सऐप ग्रुप्स, टेलीग्राम चैनल्स और फर्जी इन्वेस्टमेंट/ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था। पीड़ितों को घर बैठे टास्क आधारित कमाई, भारी मुनाफे और निवेश पर बड़े रिटर्न का लालच देकर फंसाया जाता था। ठगी की राशि को तुरंत छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए किराए के (म्यूल) बैंक खातों का इस्तेमाल होता था।
आरोपियों के कब्जे से 07 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से ऑनलाइन ठगी करने वाले इस बड़े सिंडिकेट की कमर टूट गई है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य विदेशी ऑपरेटरों और वित्तीय कड़ियों की जांच कर रही है।
रिपोर्ट-सोनू आउटर नॉर्थ दिल्ली


