राजधानी दिल्ली में जुलाई के महीने में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। आमतौर पर इस समय बारिश से राहत मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार मौसम ने अलग ही तेवर दिखाए हैं। गुरुवार को सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। यह जुलाई 2024 के बाद जुलाई महीने का सबसे अधिक तापमान है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा रहा।
दिल्ली के पालम, लोधी रोड, रिज और अयानगर जैसे इलाकों में भी पारा 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं दिल्ली तक पहुंचते-पहुंचते अपनी नमी खो देती हैं। इसी वजह से आसमान में बादल बनने के बावजूद बारिश नहीं हो पा रही है। फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली भी मौजूद नहीं है, जो इन बादलों को बारिश में बदल सके।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 18 जुलाई तक दिल्ली में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। 16 से 19 जुलाई के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 20 से 22 जुलाई के बीच राजधानी में व्यापक बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
उधर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 176 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। यानी गर्मी के साथ-साथ राजधानी की हवा भी अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

