राजधानी दिल्ली के हौज खास स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में गुरुवार को 48वीं वार्षिक रथयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने रथयात्रा का शुभारंभ किया और भगवान जगन्नाथ से राजधानीवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि रथयात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के सेवा, विनम्रता और समानता जैसे मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ का अपने भक्तों के बीच स्वयं आना इस बात का संदेश देता है कि ईश्वर की कृपा सभी के लिए समान होती है और उसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता।
एलजी ने रथयात्रा से जुड़ी प्रसिद्ध 'चेरा पहरा' परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परंपरा में राजा स्वयं भगवान के रथ के आगे मार्ग की सफाई करता है, जो यह संदेश देती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और विनम्रता से ही स्थापित होता है।
रथयात्रा में संत-महात्माओं, धर्मगुरुओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज सहित कई जनप्रतिनिधि भी इस आयोजन में मौजूद रहे। उपराज्यपाल ने आयोजकों को इस परंपरा को वर्षों से आगे बढ़ाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और सौहार्द बनाए रखने की प्रार्थना की।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

