आगरा के धनौली इलाके में औषधि विभाग की टीम ने एक जर्जर कमरे में छापेमारी कर करीब 5 करोड़ रुपये की संदिग्ध नकली दवाइयां बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी इकरार को हिरासत में लिया गया है। बरामद दवाइयों में मधुमेह की एमारिल, दर्द निवारक केटोराल, एंटी एलर्जिक एलिग्रा और एलिग्रा एम, हृदय रोग की कार्डेस और लोसर-एच समेत करीब एक दर्जन तरह की दवाएं शामिल हैं।
दरअसल, औषधि विभाग की टीम ने 22 से 24 मई और 12 से 14 जून के बीच दवा बाजार में बड़े स्तर पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई दवा कारोबारी अपने गोदाम बंद कर फरार हो गए थे। आरोप है कि इसके बाद नकली दवा सिंडिकेट ने दवाओं को शहर से बाहर देहात और कॉलोनियों में बने अवैध गोदामों और कमरों में छिपाना शुरू कर दिया।
इसी बीच टीम को गुप्त सूचना मिली कि धनौली में एक कमरे में बड़ी मात्रा में दवाइयां छिपाकर रखी गई हैं। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा की टीम ने इकरार के घर के पास बने जर्जर कमरे में छापा मारा।
करीब 10 फुट चौड़े और 12 फुट लंबे इस कमरे में टूटी बाइक, पुराना सोफा, साइकिल और दूसरे कबाड़ के बीच दवाइयों के कार्टन छिपाकर रखे गए थे। दवाइयों के नकली होने की आशंका है, जिसके चलते उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
पूछताछ में कई और अवैध गोदामों की जानकारी सामने आई है, जिन पर अब छापेमारी की जा रही है।


