बाहरी दिल्ली के नरेला में अब आंखों के इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। क्षेत्र के दृष्टि आई हॉस्पिटल में अत्याधुनिक टचलेस और फ्लैपलेस LASIK लेजर तकनीक की शुरुआत की गई है। अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी कुमार के अनुसार, इस प्रक्रिया में आंख को बिना छुए और बिना फ्लैप बनाए इलाज किया जाता है। यह तकनीक पूरी तरह दर्द रहित, ब्लडलेस और सुरक्षित मानी जाती है, जिससे मरीज बहुत कम समय में सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।
डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कम उम्र में ही बच्चों और युवाओं की आंखों पर असर पड़ रहा है और चश्मे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे मरीजों के लिए यह आधुनिक लेजर तकनीक काफी प्रभावी साबित हो रही है और कई मामलों में चश्मे से छुटकारा दिलाने में मदद करती है।
उन्होंने बताया कि सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों में होने वाली आंखों की कई समस्याओं, जिनमें मोतियाबिंद जैसी दिक्कतें भी शामिल हैं, का उपचार भी अस्पताल में आधुनिक मशीनों और उन्नत तकनीक की मदद से किया जा रहा है। इससे इलाज अधिक सटीक, सुरक्षित और बेहतर परिणाम देने वाला बनता है।
डॉ. अश्वनी कुमार का दावा है कि फिलहाल नरेला क्षेत्र में इस तरह की आधुनिक टचलेस और फ्लैपलेस LASIK लेजर सुविधा केवल दृष्टि आई हॉस्पिटल में उपलब्ध है, जिससे स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


