बाहरी उत्तरी दिल्ली के नरेला में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए MCOCA मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध की कमाई के 30 लाख रुपये नकद और एक महिंद्रा थार गाड़ी बरामद की है। इतना ही नहीं, आरोपी विनोद उर्फ खलीफा के खुलासे पर लामपुर इलाके में चल रहे सट्टे के अड्डे पर भी छापेमारी की गई, जहां से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह मामला नरेला थाने में दर्ज FIR नंबर 411/2020 से जुड़ा है, जिसमें महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA के तहत कार्रवाई की गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 39 वर्षीय विनोद उर्फ खलीफा और 43 वर्षीय विकास उर्फ विक्की के रूप में हुई है। दोनों नरेला के बाकनेर गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, विनोद के खिलाफ पहले से 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि विकास उर्फ विक्की का नाम छह आपराधिक मामलों में सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विनोद उर्फ खलीफा से पूछताछ के दौरान लामपुर इलाके में चल रहे सट्टे के अड्डे की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की, जहां से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में जुआ अधिनियम के तहत अलग से FIR दर्ज की गई है।
पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। आरोपी के खुलासे पर हरियाणा के सोनीपत स्थित मुरथल में उसके आवास पर छापेमारी की गई। यहां से पुलिस ने 30 लाख रुपये नकद बरामद किए, जिन्हें पुलिस ने अपराध से अर्जित रकम बताया है। इसके अलावा एक महिंद्रा थार गाड़ी भी जब्त की गई है।
फिलहाल, नरेला थाना पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। पुलिस अब अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों और संभावित आर्थिक नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। इस कार्रवाई को संगठित अपराध और अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रिपोर्ट : प्रदीप यादव


