दिल्ली में आशा वर्कर्स के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के मासिक इंसेंटिव को दोगुना करने का फैसला लिया है। मंगलवार, 15 सितंबर को लिए गए इस फैसले के बाद अब आशा वर्कर्स को हर महीने 3 हजार रुपये की जगह 6 हजार रुपये इंसेंटिव मिलेगा।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, राजधानी में करीब 6 हजार 725 आशा वर्कर्स तैनात हैं। एक आशा कार्यकर्ता करीब 400 परिवारों या लगभग 2 हजार लोगों से जुड़कर काम करती है। घर-घर जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना, महिलाओं को टीकाकरण के लिए जागरूक करना और स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेना उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आशा वर्कर्स स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस और सामुदायिक बैठकों के जरिए ये कार्यकर्ता लोगों तक जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं और जानकारियों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि कोरोना महामारी के दौरान आशा वर्कर्स ने घर-घर जाकर लोगों तक जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं और जानकारी पहुंचाने में अहम योगदान दिया था।
सरकार का कहना है कि इंसेंटिव बढ़ाने का फैसला आशा कार्यकर्ताओं की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


