नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनकी स्थिति चिंताजनक पाई, जिसके बाद पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वांगचुक को अस्पताल ले जाने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी उन्हें वहीं इलाज देने की मांग पर अड़े रहे। काफी समझाने के बाद भी सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुबह करीब 7 बजे पैरामेडिकल टीम की मदद से सोनम वांगचुक को स्ट्रेचर पर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। उस समय जंतर-मंतर पर करीब 150 समर्थक मौजूद थे।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि लंबे उपवास के कारण उनके शरीर में पानी की कमी और अत्यधिक कमजोरी हो गई है। फिलहाल उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नई दिल्ली जिला के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के आधार पर की गई। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से वांगचुक को अस्पताल ले जाने का अनुरोध कर रही थी, लेकिन वे तैयार नहीं हो रहे थे।
पुलिस के अनुसार अस्पताल ले जाने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोकने की कोशिश की, जिससे हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे थे।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

