दिल्ली में मानसून की पहली तेज बारिश ने एक बार फिर राजधानी की तैयारियों की पोल खोल दी है। एशिया के सबसे बड़े थोक बाजारों में शामिल सदर बाजार जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई गलियों और मुख्य रास्तों पर घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया है। दुकानों के अंदर तक पानी घुसने से व्यापारियों का करोड़ों रुपये का सामान खराब हो गया, जबकि पूरे बाजार में कारोबार लगभग ठप पड़ गया।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता। बाजार संगठन फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) का कहना है कि उन्होंने मई महीने से ही जल निकासी की समस्या को लेकर संबंधित विभागों और दिल्ली सरकार को कई बार आगाह किया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
फेस्टा के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने प्रशासन पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि हर वर्ष बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पूरी व्यवस्था धराशायी हो जाती है। इसका सबसे बड़ा नुकसान व्यापारियों और ग्राहकों को उठाना पड़ता है।
जलभराव के कारण बाजार में आने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और गंदे पानी से रास्ते पूरी तरह प्रभावित हैं। कई लोग फिसलकर घायल हो चुके हैं, जबकि दुकानदार प्रशासन से तत्काल जल निकासी और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच सदर बाजार की यह तस्वीर राजधानी की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

