दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी! 8 साल से फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार, AATS ने ऐसे दबोचा
दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट AATS टीम ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल करते हुए धोखाधड़ी और जबरन वसूली के मामले में लंबे समय से फरार चल रही एक घोषित अपराधी यानी Proclaimed Offender (PO) को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल सर्विलांस और लगातार ज़मीनी स्तर पर जुटाई गई खुफिया जानकारी के दम पर अंजाम दी गई।
नॉर्दर्न रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस श्री विजय कुमार (IPS) के निर्देशों, आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल DCP-I श्री अमित कौशिक (IPS) के मार्गदर्शन तथा ACP ऑपरेशन्स श्री दिनेश कुमार की निगरानी में AATS की टीम लगातार घोषित अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
इसी अभियान के तहत AATS के प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा के नेतृत्व में PO स्टाफ ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बचता फिर रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान गीता सैनी, पत्नी विनोद सैनी, निवासी सोनीपत, हरियाणा के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई गई है।
गीता सैनी के खिलाफ वर्ष 2018 में थाना नरेला में FIR नंबर 711/2018 दर्ज हुई थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 385 और 34 के तहत धोखाधड़ी, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी लगातार अदालत में पेश नहीं हुई और गिरफ्तारी से बचती रही। इसके बाद माननीय अदालत ने उसे घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था।
इसके बाद AATS की विशेष PO टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आधुनिक तकनीक, मोबाइल और डिजिटल सर्विलांस, स्थानीय नेटवर्क तथा ज़मीनी स्तर पर लगातार जानकारी जुटाकर आरोपी की गतिविधियों पर नज़र रखी। कई दिनों की मेहनत और सटीक योजना के बाद टीम ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में AATS के PO स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में हेड कांस्टेबल अभिषेक खत्री, महिला हेड कांस्टेबल पिंकी और कॉन्स्टेबल मनीष शामिल रहे।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि कानून से भागने वाले अपराधी चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, आधुनिक तकनीक और पुलिस की सतर्क टीम से अधिक समय तक बच नहीं सकते।
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की टेक्नोलॉजी आधारित जांच, डिजिटल इंटेलिजेंस और ज़मीनी खुफिया नेटवर्क के बेहतरीन तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

