दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र पर 31 साल के युवक की हत्या का आरोप लगा है। जहांगीरपुरी निवासी मोहित को परिजनों ने शराब की लत छुड़ाने के लिए कल ही केंद्र में भर्ती कराया था, लेकिन 2 घंटे बाद ही उसकी मौत की खबर आई। परिजनों का आरोप है कि केंद्र में मारपीट से मोहित की मौत हुई है। पुलिस को शिकायत दे दी गई है।
मृतक की पहचान 31 वर्षीय मोहित निवासी जहांगीरपुरी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक मोहित काफी समय से शराब की लत से परेशान था। इसी लत को छुड़ाने के लिए परिवार ने स्वरूप नगर के नशा मुक्ति केंद्र को बुलाया। केंद्र वालों की सभी शर्तें मानकर मोहित को इस उम्मीद में भेजा कि वह नशा छोड़कर सामान्य जीवन जिएगा। भर्ती के वक्त मोहित पूरी तरह स्वस्थ था। लेकिन भर्ती के करीब दो घंटे बाद ही पिता के पास केंद्र से फोन आया कि तबीयत खराब है, आकर देख जाओ। जब परिजन पहुंचे तो मोहित की मौत हो चुकी थी।
परिजनों का आरोप है कि मोहित पहले भी इसी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती रहा है। तब वहां पहले से मौजूद एक लड़का उसे लगातार परेशान करता था। इसी वजह से मोहित दोबारा इस केंद्र में नहीं जाना चाहता था। परिजनों का कहना है कि डर की वजह उसने परिवार को बताई भी थी, लेकिन नशा छुड़ाने की मजबूरी में उन्हें वहीं भेजना पड़ा। अब परिवार सवाल उठा रहा है कि आखिर वह कौन लड़का था जिससे मोहित डरता था और क्या उसी रंजिश में उसकी जान गई।
मोहित की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। मां, बहन और पिता सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने सीधे तौर पर स्वरूप नगर नशा मुक्ति केंद्र पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्वस्थ युवक की दो घंटे में मौत कैसे हो सकती है। इस मामले की लिखित शिकायत थाने में दे दी गई है और परिजन इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने मोहित के शव को BJRM अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। बड़ा सवाल यही है कि नशा छुड़ाने गया युवक आखिर किन हालात में मौत के मुंह में चला गया। क्या नशा मुक्ति केंद्र में लापरवाही हुई या मारपीट की गई। अब देखना होगा कि पुलिस इस पूरे मामले में कितनी जल्दी निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई करती है।
रिपोर्ट - सोनू , दिल्ली


