राजधानी दिल्ली के मुंडका स्थित आश्रम में 7 सितंबर को जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस के पावन अवसर पर विशाल रक्तदान शिविर, दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) और एक विशेष आध्यात्मिक ज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दिल्ली व देश के कोने-कोने से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के जनसैलाब ने हिस्सा लिया और समाज सेवा व अध्यात्म का अनोखा उदाहरण पेश किया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में श्रद्धालुओं द्वारा लगाई गई एक विशेष प्रदर्शनी रही, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। इस प्रदर्शनी में संत रामपाल जी महाराज के जीवन में घटित प्रमुख एवं प्रेरक घटनाओं को प्रदर्शित किया गया था। साथ ही, सभी धर्मों के पवित्र सद्ग्रंथों को भी रखा गया था, जो श्रद्धालुओं और आगंतुकों के बीच अध्यात्म और संत जी के संदेशों के प्रति गहरा आकर्षण पैदा कर रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से 10 से 12 जोड़ों की दहेज मुक्त शादियां (रमैणी) सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गईं। संत रामपाल जी महाराज का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त कर एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहाँ हर शादी बिना किसी लेन-देन और दहेज के संपन्न हो।
मानव कल्याण के उद्देश्य से आयोजित रक्तदान शिविर में श्रद्धालुओं का खासा उत्साह देखने को मिला। दूर-दूर से आए अनुयायियों ने दूसरों का जीवन बचाने के लिए स्वेच्छा से रक्तदान किया। आयोजकों द्वारा शिविर के लिए सुव्यवस्थित प्रबंध किए गए थे, जिससे रक्तदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हुई।
संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक जागृति के साथ-साथ समाज सेवा और मानव कल्याण के प्रति लोगों को जागरूक करना था। आश्रम पहुंचे श्रद्धालुओं ने महाराज जी के प्रवचनों से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया, जिससे पूरा आश्रम परिसर दिनभर भक्तिमय माहौल से गुंजायमान रहा।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


