सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में फरार चल रहे पीजी ऑपरेटर शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। सरेंडर के बाद पुलिस ने आरोपी की कस्टडी की मांग की, जिस पर कोर्ट ने शुभम त्यागी और एक अन्य आरोपी सुधांशु को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
हादसे के बाद से ही पुलिस की कई टीमें शुभम की तलाश कर रही थीं। पुलिस के मुताबिक, शुभम और सुधांशु मिलकर ‘हॉस्टल डेज’ नाम से पीजी चला रहे थे। दोनों ने अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये महीने के किराए पर चार मंजिलें लीज पर ली थीं।
इस मामले में इससे पहले बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता, ठेकेदार सनोज और पीजी ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार किया गया था। वहीं मकान मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी को भी न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
पुलिस अब शुभम और सुधांशु से हादसे से जुड़े कई अहम सवालों पर पूछताछ करेगी। सुधांशु के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और कॉल रिकॉर्ड व चैट की भी जांच की जा रही है।
जांच के मुताबिक, हादसे के दिन ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य चल रहा था। दुकान के लिए जगह बनाने के दौरान एक दीवार हटाई गई थी। वहीं बेसमेंट में बारिश का पानी भरने के बाद लेवल बराबर करने के लिए तीन ट्रक मलबा डाला गया था। पुलिस के मुताबिक, कमजोर ढांचे पर बढ़े दबाव के चलते इमारत गिर गई। इस हादसे में 7 लोगों की मौत और करीब 12 लोग घायल हुए थे।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


