दिल्ली के बदरपुर बस टर्मिनल पर उस वक्त पुलिस की चिंता बढ़ गई, जब 7 वर्षीय समीर और 8 वर्षीय साद अकेले मिले। दोनों बच्चे अपने माता-पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रहे थे। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि आखिर इन मासूमों के परिवार तक कैसे पहुंचा जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बदरपुर पुलिस की टीम ने तुरंत बच्चों के परिवार की तलाश शुरू की। पुलिस ने RWA और MWA ग्रुप, स्थानीय लोगों और NGOs की मदद ली। इसके साथ ही मंदिर-मस्जिदों में ऐलान करवाया गया और दिल्ली-NCR के अलग-अलग पुलिस थानों से भी संपर्क किया गया।
पुलिस की टीम ने लगातार करीब 15 घंटे तक बिना रुके बच्चों के माता-पिता को तलाशने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली पुलिस के ‘Eyes & Ears’ सदस्यों आकाश गुप्ता और ऑटो चालक पवन गुप्ता ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और दोनों बच्चों के माता-पिता को ट्रेस कर लिया गया। जरूरी सत्यापन के बाद समीर और साद को सुरक्षित उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।
‘ऑपरेशन मिलाप’ की यह कार्रवाई पुलिस और आम लोगों के सहयोग की एक मिसाल बनी।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


