बाहरी-उत्तरी जिले की शाहबाद डेयरी थाना पुलिस ने तत्परता और उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय देते हुए एक अंधी हत्या के मामले का महज कुछ ही घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल 04 मुख्य आरोपियों (जिसमें मुख्य आरोपी, उसकी मां, मामा और एक सहयोगी शामिल हैं) को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, मुख्य आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
3 अक्टूबर 2026 को थाना शाहबाद डेयरी को संतोष भारती पार्क के पास एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच करने पर पता चला कि गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए पहले ही महर्षि वाल्मीकि (बीएसए) अस्पताल, रोहिणी ले जाया जा चुका है।
अस्पताल पहुंचने पर घायल की पहचान सचिन (उम्र लगभग 22 वर्ष), पुत्र सुरेंद्र, निवासी शाहबाद डेयरी के रूप में हुई। डॉक्टरों ने अत्यधिक खून बहने और छाती व शरीर पर चाकू के कई गहरे घाव होने के कारण उसे मृत घोषित कर दिया।
चश्मदीद गवाह के बयान के आधार पर खुलासा हुआ कि मृतक सचिन का एक लड़की को लेकर आरोपी आरिफ उर्फ अमन के साथ पुराना विवाद चल रहा था, जिसे लेकर पहले भी उनके बीच झगड़ा हो चुका था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना शाहबाद डेयरी में एफआईआर संख्या 641/2026, धारा 103(1)/109(1)/3(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि 3 अक्टूबर को मृतक सचिन अपने दोस्त के साथ एक टाटा एस (Tata Ace) वाहन में जा रहा था। तभी संतोष भारती पार्क के पास मुख्य आरोपी आरिफ उर्फ अमन, उसकी मां, मामा और सहयोगी संतोष साहनी ने मिलकर गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। आरोपियों ने सचिन को गाड़ी से बाहर घसीट लिया और उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान आरिफ उर्फ अमन ने ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर सचिन को लहूलुहान कर दिया और मौके से फरार हो गए।
अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी रेंज) श्री विजय कुमार (आईपीएस) के निर्देशों पर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-I (बाहरी-उत्तरी जिला) श्री लोकेश्वरन आर (आईपीएस) के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त (बवाना) श्री गौरव सिंह (आईपीएस) की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस समर्पित टीम का नेतृत्व थाना प्रमुख (एसएचओ) इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने किया, जिसमें उप-निरीक्षक कमलेश, हेड कांस्टेबल पिपलाद, नीरज, दिनेश, मुकेश और कांस्टेबल संदीप व प्रिंस शामिल थे।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया।
तकनीकी निगरानी, स्थानीय खुफिया तंत्र (लोकल इंटेलिजेंस) और गवाहों से गहन पूछताछ के आधार पर आरोपियों के ठिकानों का सटीक पता लगाया गया।
पुलिस ने विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के पूरे घटनाक्रम को स्थापित करने, प्रत्येक आरोपी की विशिष्ट भूमिका तय करने, उनके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने और बरामद हथियार के वैज्ञानिक सत्यापन के लिए कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अदालत में मजबूत आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने के उद्देश्य से आगे की कानूनी जांच जारी है।
रिपोर्ट- सोनू आउटर नॉर्थ दिल्ली


