नरेला की ऐतिहासिक सुभाष रामलीला मे खेल के मैदान में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का जब रामलीला के मंच पर हुआ सम्मान, तो तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा नरेला! जी हां, नरेला की ऐतिहासिक सुभाष रामलीला में इस बार सिर्फ भगवान श्रीराम की लीला ही नहीं, बल्कि देश के लिए उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी देखने को मिला। कबड्डी खिलाड़ी गौरव खत्री और हॉकी खिलाड़ी शिल्पी डबास को रामलीला कमेटी ने मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। दोनों खिलाड़ियों ने युवाओं को खेलों से जुड़ने, नशे से दूर रहने और देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।
नरेला की ऐतिहासिक सुभाष रामलीला में उस वक्त उत्साह का माहौल बन गया, जब देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी गौरव खत्री और शिल्पी डबास का भव्य स्वागत किया गया। रामलीला कमेटी की ओर से दोनों खिलाड़ियों को मंच पर सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
भगवान श्रीराम की लीला देखने के लिए हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच खिलाड़ियों का सम्मान समारोह आकर्षण का केंद्र बना। इस पहल के जरिए कमेटी ने क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का संदेश दिया।
हॉकी खिलाड़ी और गोल्ड मेडलिस्ट शिल्पी डबास ने खास तौर पर लड़कियों को खेलों में आगे आने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को भी अपनी पसंद के खेल में आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। अगर किसी लड़की की रुचि खेल में है, तो परिवार को उसका साथ देना चाहिए, ताकि वह मेहनत और लगन के दम पर देश के लिए पदक जीत सके और भारत का नाम रोशन करे।
शिल्पी का यह संदेश उन परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जहां आज भी बेटियों की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।
वहीं, कबड्डी खिलाड़ी और गोल्ड मेडलिस्ट गौरव खत्री ने युवाओं से खेलों में अधिक से अधिक भाग लेने और नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने संदेश दिया कि युवा कबड्डी, कुश्ती, हॉकी या किसी भी अन्य खेल में रुचि रखते हों, उन्हें पूरे समर्पण के साथ मेहनत करनी चाहिए।
खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष करने की क्षमता भी विकसित करते हैं। सही दिशा में मेहनत करने वाले युवा अपने परिवार के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं।
रामलीला कमेटी की पहल
सुभाष रामलीला कमेटी की इस पहल का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के मंच से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देना रहा। भगवान श्रीराम के आदर्शों के साथ खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान कर कमेटी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि समाज में शिक्षा, संस्कार और खेल—तीनों का महत्वपूर्ण स्थान है।
नरेला के लिए यह गर्व का विषय है कि क्षेत्र से जुड़े खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर देश के लिए पदक जीत रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों का सम्मान दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा बन सकता है।
रिपोर्ट – प्रदीप यादव


