बाहरी दिल्ली के बवाना स्थित G-7 DDA फ्लैट्स के पास बनी ग्रीन बेल्ट में जलभराव के कारण एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। बारिश का पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। मृतक दोनों बच्चों के नाम ज़ीशान (कक्षा 4) और इम्रान / (कक्षा 3) है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे। रास्ते में कुछ अन्य बच्चों के साथ वे स्कूल न जाकर पास के ग्रीन बेल्ट की तरफ चले गए। वहां डीडीए फ्लैट्स के निर्माण कार्य और निर्माण सामग्री निकाले जाने के बाद कई गहरे गड्ढे बने हुए थे, जिनमें बारिश का पानी भरा हुआ था।
गड्ढे की गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों बच्चे नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
गड्ढे के पास से जब एक गाड़ी चालक अपनी गाड़ी पार्क करने के लिए पहुंचा, तो उसने पानी की सतह पर बच्चों के शवों को तैरते हुए देखा। उसने तुरंत शोर मचाया और स्थानीय लोगों को सूचित किया। इसके बाद 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई व जांच शुरू कर दी।
बाइट - मृतक मोहम्मद अरमान (मृतक के पिता)
"हमारे बच्चे सुबह स्कूल के लिए निकले थे। रास्ते में गड्ढे में बारिश का पानी भरा था। अगर डीडीए और ठेकेदारों ने फ्लैट निर्माण के बाद इन गड्ढों को मिट्टी से भर दिया होता, तो आज हमारे बच्चे हमारे बीच ज़िंदा होते।"
"यहां एक नहीं, बल्कि ऐसे कई खतरनाक गड्ढे खुले पड़े हैं। निर्माण कार्य के बाद इन्हें ऐसे ही छोड़ दिया गया। प्रशासन और डीडीए की इस लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं।"
बाइट - आलम, स्थानीय निवासी
स्थानीय लोगों में प्रशासन और DDA के खिलाफ भारी आक्रोश है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माण के बाद गड्ढों को खुला छोड़ने के लिए कौन ज़िम्मेदार है।
रिपोर्टर- सोनू

