दिल्ली विधानसभा परिसर में सोमवार को ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत नौवीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त साइकिलें वितरित की गईं। दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली करीब 1.40 लाख छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं को साइकिलें बांटते हुए कहा कि अब बेटियों को स्कूल और ट्यूशन जाने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि पूरा आकाश उनका है और वे मेहनत के दम पर अपने सपनों को पूरा करें।
मंत्री रविंद्र इंद्राज ने भी इस योजना को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की दिशा में अहम कदम बताया। साइकिल मिलने के बाद छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। छात्राओं ने कहा कि इससे स्कूल और ट्यूशन आने-जाने का समय बचेगा और वे उस समय का इस्तेमाल पढ़ाई में कर सकेंगी।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान विधानसभा परिसर में सियासी माहौल भी गरमा गया। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने साइकिल पर सवार होकर प्रदर्शन किया और साइकिलों की खरीद में कथित घोटाले को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद सदन की कार्यवाही के दौरान कुछ आप विधायक साइकिल घोटाले से जुड़े नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे।
इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने टी-शर्ट नहीं उतारने पर संजीव झा, कुलदीप, अजय दत्त, जरनैल सिंह समेत पांच आप विधायकों को मार्शल आउट करा दिया। यानी बेटियों के लिए शुरू हुई योजना के बीच विधानसभा में सियासत भी खूब देखने को मिली।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

