दिल्ली सरकार राजधानी की कृषि मंडियों को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नरेला से जुड़ी विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की, जिसमें मंडियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और जारी कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि मंडियां किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच रीढ़ की हड्डी का काम करती हैं। आधुनिक सुविधाओं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से न केवल व्यापार आसान होगा, बल्कि पूरी कृषि विपणन व्यवस्था और अधिक सक्षम बनेगी।
व्यापारियों और किसानों की सुविधा के लिए नरेला अनाज मंडी में लगभग ₹11 करोड़ की लागत से दो नए स्टील शेड तैयार किए जाएंगे। इस परियोजना के जुलाई 2027 तक पूरा होने की संभावना जताई गई है।
नरेला मंडी के स्थानीय प्रतिनिधि सतीश कुमार गर्ग के अनुसार, नए शेड बनने से मंडी में कम से कम 60,000 अतिरिक्त बोरियों को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ जाएगी। बारिश, धूप और सर्दी से अनाज का बचाव होगा, जिससे हर साल होने वाले लाखों रुपये के नुकसान से राहत मिलेगी और मजदूरों व व्यापारियों को बेहतर माहौल मिलेगा।
स्थानीय व्यापारियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस कदम का स्वागत किया है और साथ ही 40 वर्षों से लंबित दुकानों के अलॉटमेंट के मुद्दे को भी जल्द सुलझाने की मांग रखी है। सरकार का उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं तीनों को सीधा लाभ पहुंचाना है।
रिपोर्टर - सोनू आउटर

