बारिश के बाद संगम विहार की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जबकि कई चारपहिया वाहन भी पानी में फंस गए। स्कूल और दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में यही हालात बनते हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी देर की बारिश भी पूरे इलाके को जलमग्न कर देती है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
बारिश के बाद सड़कों पर जमा पानी के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। कई जगह गड्ढे पानी में छिप जाने से हादसे का खतरा भी बढ़ गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन हर साल जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जब बारिश होती है तो उन दावों की सच्चाई सामने आ जाती है।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता। यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता, तो शायद लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

