दिल्ली पुलिस की साइबर सेल (क्राइम ब्रांच) ने एक बड़े और हाई-टेक साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक संगठित गिरोह को ध्वस्त किया है। यह गिरोह देश भर में e-SIM/SIM टेकओवर के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से 44 मोबाइल फोन और कई डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं।
जांच में अब तक देश भर की 124 NCRP (नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) शिकायतों से इनके तार जुड़े पाए गए हैं।
गिरोह का नेटवर्क पश्चिम बंगाल से लेकर देश के कई अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर और तकनीकी रूप से घातक था, आरोपी खुद को नामी टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel, Vi आदि) के प्रतिनिधि या कस्टमर केयर अधिकारी बताकर पीड़ितों से संपर्क करते थे।
नेटवर्क अपग्रेड या बेहतर सेवाओं का लालच देकर वे पीड़ितों को अपने मौजूदा सिम को e-SIM में बदलने के लिए मनाते थे।
जैसे ही पीड़ित उनके झांसे में आकर ई-सिम की प्रक्रिया (QR कोड या वेरिफिकेशन) पूरी करता, पीड़ित का असली सिम बंद हो जाता और उसका पूरा एक्सेस जालसाजों के पास चला जाता।
मोबाइल नंबर का अनधिकृत नियंत्रण (OTP और कॉल एक्सेस) मिलते ही आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट्स और यूपीआई ऐप में सेंध लगाकर पैसे उड़ा लेते थे।
रिपोर्टर सोनू

