दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP प्रदर्शन के दौरान बीती रात, यानी 22 जुलाई को, दिल्ली पुलिस के कनॉट प्लेस थाने में तैनात सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत पर कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने हमला कर दिया। इस हमले में ACP विवेक भगत गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चेहरे, हाथों और शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आई हैं। इतना ही नहीं, हमले के दौरान उनके दांत भी टूट गए।
घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी तो दे दी, लेकिन कुछ दिनों तक पूर्ण आराम करने की सलाह भी दी है।
घायल ACP विवेक भगत ने बातचीत में बताया कि घटना के समय वह अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि प्रदर्शन स्थल के पास भारी भीड़ मौजूद थी और पुलिस को देखकर कथित तौर पर पुलिस विरोधी तथा देश विरोधी नारे लगाए जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि तभी उनकी नजर एक घायल दिल्ली पुलिसकर्मी पर पड़ी, जिसे भीड़ ने घेर रखा था। उस पुलिसकर्मी के सिर से लगातार खून बह रहा था और उसकी हालत गंभीर दिखाई दे रही थी। ACP विवेक भगत ने बिना देर किए अपने साथी पुलिसकर्मी को बचाने का फैसला किया और भीड़ के बीच पहुंच गए।
लेकिन जैसे ही वह घायल जवान को निकालने की कोशिश करने लगे, भीड़ का गुस्सा उनकी ओर मुड़ गया।
ACP विवेक भगत के अनुसार, भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद उन पर लगातार मुक्कों और लातों से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि हमला इतना अचानक और हिंसक था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से उनके साथ मारपीट की गई, उससे उन्हें लगा कि हमला करने वाले लोग हिंसक और आपराधिक मानसिकता के थे। उनका कहना था कि अगर वर्दी में मौजूद पुलिस अधिकारी भी इस तरह सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठते हैं।

