दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II) ने आठ वर्षों से फरार चल रहे दो घोषित उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर एक लंबे समय से लंबित हत्या और दहेज मृत्यु के मामले का सफल खुलासा किया है। दोनों आरोपी वर्ष 2018 से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे और लगातार अपनी पहचान व ठिकाने बदलकर कानून से बचने की कोशिश कर रहे थे।
यह मामला थाना स्वरूप नगर में दर्ज हत्या एवं दहेज मृत्यु से जुड़ा है। आरोपियों की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच लगातार तकनीकी और मानवीय सूचनाओं पर काम कर रही थी। जांच के दौरान उनकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई, जिसके बाद दिल्ली और हरियाणा में संयुक्त अभियान चलाया गया। सटीक योजना और त्वरित कार्रवाई के चलते दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान आरोपी बार-बार अपने ठिकाने बदलते रहे ताकि गिरफ्तारी से बच सकें, लेकिन आखिरकार क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें कानून के शिकंजे में ले लिया।
यह कार्रवाई इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में, एसीपी राजपाल डबास के मार्गदर्शन तथा डीसीपी हर्ष इंदौरा के पर्यवेक्षण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल कोई भी आरोपी कानून से लंबे समय तक नहीं बच सकता और ऐसे मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

