दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NDR) को काफी समय से इस आरोपी की तलाश थी। आरोपी थाना गोविंद पुरी में दर्ज एक गंभीर POCSO मामले में वांछित था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसे घोषित अपराधी यानी Proclaimed Offender घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी नहीं होने पर दिल्ली पुलिस ने उसकी सूचना देने या गिरफ्तारी में मदद करने वाले के लिए एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।
लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। वह अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था और बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन तक न पहुंच सके।
इसी बीच क्राइम ब्रांच की NDR टीम ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया। पुलिस ने आधुनिक तकनीकी निगरानी, मोबाइल और अन्य डिजिटल इनपुट्स का विश्लेषण किया। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र यानी Human Intelligence को भी सक्रिय किया गया। लगातार कई दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उसके संभावित ठिकानों की जांच की गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने बिना समय गंवाए योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। काफी देर तक निगरानी करने के बाद जैसे ही आरोपी सामने आया, पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को दिल्ली लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किस-किस व्यक्ति ने मदद पहुंचाई, वह किन-किन स्थानों पर छिपा रहा और क्या उसने अपनी पहचान बदलने की भी कोशिश की थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से न केवल एक गंभीर मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, बल्कि यह भी संदेश गया है कि चाहे कोई अपराधी कितने भी समय तक फरार रहे, कानून से हमेशा के लिए बच पाना संभव नहीं है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड ऑपरेशन का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। कई महीनों की मेहनत और सटीक रणनीति के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले की जांच को भी नई दिशा मिलेगी।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी किसी अन्य मामले में भी शामिल रहा है।

