दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों में सफर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऑटो और टैक्सी चालकों ने अपनी मांगों को लेकर 7 और 8 सितंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस प्रकोष्ठ की ओर से यह हड़ताल बुलाई गई है।
यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा के मुताबिक, चालकों की मांगों को लेकर सोमवार को उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त और दिल्ली पुलिस आयुक्त को औपचारिक सूचना दी जाएगी।
चालकों का कहना है कि सीएनजी की कीमत बढ़कर करीब 87 रुपये प्रति किलो हो गई है। पिछले तीन महीनों में सीएनजी के दाम में लगभग 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा वाहन का रखरखाव, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और ईएमआई का खर्च भी बढ़ा है, जबकि लंबे समय से किराए में संशोधन नहीं हुआ है।
यूनियन की प्रमुख मांगों में सीएनजी और महंगाई के अनुसार किराए में बढ़ोतरी, ओला-उबर और रैपिडो पर निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई, परमिट और लाइसेंस की छोटी गलतियों के सुधार के लिए विशेष अभियान, फोटो चालान की समीक्षा और ई-रिक्शा के संचालन का प्रभावी नियमन शामिल है।
इसके अलावा 2027 से नए सीएनजी ऑटो के पंजीकरण पर प्रस्तावित रोक पर पुनर्विचार, मृतक चालक विजय कुमार वाल्मीकि के परिवार को सहायता, ड्राइवर सेफ्टी मैकेनिज्म और एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 लागू करने की मांग भी की गई है।
यूनियन ने कहा है कि अगर 7 सितंबर से पहले सरकार बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकालती है, तो चालक शांतिपूर्ण तरीके से दो दिवसीय हड़ताल करेंगे।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

