दिल्ली-NCR में दशहरे की रौनक के बाद अब प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। रावण दहन और आतिशबाजी के बाद बुधवार सुबह कई शहरों की हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। सवाल है कि त्योहारों के बाद बढ़ा प्रदूषण आने वाले दिनों में लोगों की परेशानी कितनी बढ़ाएगा?
दिल्ली में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 284 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। दशहरे की रात हुई आतिशबाजी, सड़कों पर वाहनों की आवाजाही और ट्रैफिक जाम के बीच निकलने वाले धुएं को प्रदूषण बढ़ने की संभावित वजहों में गिना जा रहा है।
वहीं, गौतमबुद्ध नगर में हालात और चिंताजनक नजर आए। यहां बुधवार सुबह AQI 315 दर्ज किया गया। जिले में दशहरे के अवसर पर 35 स्थानों पर रावण दहन और 200 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के आयोजन हुए। सुरक्षा और आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग की टीमें भी तैनात रहीं।
गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर 388 तक पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में है। वहीं, गुरुग्राम में बुधवार सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर AQI 205 और मानेसर में 235 दर्ज किया गया। बताया गया कि गुरुग्राम का AQI दो दिन पहले 132 था, जिसमें तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के मुताबिक, AQI 201 से 300 खराब और 301 से 400 बहुत खराब श्रेणी में आता है। ऐसे में दिल्ली-NCR के कई शहरों की हवा लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर मौसम, हवा की रफ्तार और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह


