राजधानी दिल्ली का बाहरी-उत्तरी जिला स्थित नरेला थाना इलाका इस समय भारी तनाव और आक्रोश के साये में है। यहाँ पिछले महज़ 24 घंटों के भीतर दो मासूम बच्चों के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म (घिनौनी दरिंदगी) की वारदातों ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। इन बैक-टू-बैक हुई वारदातों से स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
24 घंटे के भीतर दो मासूमों के साथ दरिंदगी
मिली जानकारी के मुताबिक, नरेला थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अपराधियों ने एक के बाद एक दो मासूम बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाया। पहली घटना के बाद पुलिस अभी जांच ही कर रही थी कि अगले 24 घंटे के भीतर ही क्षेत्र में वैसी ही दूसरी घिनौनी वारदात सामने आ गई। मासूम बच्चों के साथ हुई इस बर्बरता की खबर जैसे ही इलाके में फैली, स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे।
दिल्ली पुलिस पर भड़के लोग, लगाए गंभीर लापरवाही के आरोप
वारदातों के बाद से ही नरेला के विभिन्न चौराहों और थानों के आस-पास स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्थानीय दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम रहने का आरोप लगाया।स्थानीय लोगों का आरोप है कि:पुलिस इलाके में नियमित गश्त (Patrolling) करने में ढिलाई बरतती है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।पहली घटना के तुरंत बाद यदि पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी और कड़ाई दिखाता, तो शायद दूसरी वारदात को होने से रोका जा सकता था।बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के दावों की नरेला इलाके में पूरी तरह धज्जियां उड़ चुकी हैं।
इलाके में तनाव का माहौल, भारी पुलिस बल तैनात
दो गंभीर वारदातों के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए नरेला और आस-पास के संवेदनशील पॉकेट में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से रोकने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नाराज लोगों को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।
नरेला थाना पुलिस का कहना है कि दोनों ही मामलों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ लिया गया है। पुलिस ने पोक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य संबंधित गंभीर धाराओं में मामले दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया गया है, जो संदिग्धों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।
रिपोर्ट - ज्योति सिंह

