दिल्ली के नरेला स्थित बीजी शिर्के (BG Shirke) कंपनी के निर्माणाधीन फ्लैट परियोजना में मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में ठेकेदार के माध्यम से स्टील पाइप का कार्य करने वाले सुरेंद्र (लगभग 30 वर्ष) की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र पिछले काफी समय से इस परियोजना में कार्यरत था। काम के दौरान कंपनी परिसर में चल रहे एक ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सुरेंद्र को राजा हरिश्चंद्र अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है। वहीं हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चालक की तलाश में जुटी हुई है।
अब इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मृतक ठेकेदार के माध्यम से कार्य कर रहा था, तो निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? क्या ट्रक संचालन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी? इन सभी पहलुओं की जांच होना बेहद आवश्यक है।
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फरार चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी बनती है और किन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

