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 आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की तत्परता और कड़ी मेहनत से 52 परिवारों को उनकी खुशियां वापस मिलीं

आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की तत्परता और कड़ी मेहनत से 52 परिवारों को उनकी खुशियां वापस मिलीं

आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की तत्परता और कड़ी मेहनत से 52 परिवारों को उनकी खुशियां वापस मिलीं। बाल शोषण, साइबर सुरक्षा और 'गुड टच-बैड टच' जैसे अहम मुद्दों पर 54 से अधिक शिक्षण संस्थानों में अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक किया गया।

Delhi Samachar04 August 2026, 05:49 AM11 views

दिल्ली के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने जुलाई 2026 का पूरा महीना बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को समर्पित किया। इस दौरान पुलिस ने न सिर्फ 52 लापता बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया, बल्कि 27 हजार से अधिक छात्रों को सुरक्षा, साइबर अपराध और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक भी किया।

नॉर्दर्न रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस श्री विजय कुमार (IPS) के निर्देश और एडिशनल DCP-I श्री अमित कौशिक (IPS) के मार्गदर्शन में पूरे जिले में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, युवाओं को जागरूक बनाना और समाज में सुरक्षित माहौल तैयार करना था।

आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के सभी पुलिस स्टेशनों ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट यानी AHTU के साथ मिलकर लापता बच्चों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया। इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी सर्विलांस, खुफिया जानकारी, फील्ड जांच और लगातार फॉलो-अप के जरिए 52 लापता बच्चों को सुरक्षित बरामद किया। इनमें 13 लड़के और 39 लड़कियां शामिल थीं। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बच्चों को उनके परिवारों से सुरक्षित मिला दिया गया।

13 जुलाई 2026 को रोहिणी स्थित शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज में मेगा चाइल्ड प्रोटेक्शन सेमिनार आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 500 लोगों ने भाग लिया, जिनमें शिक्षक, स्कूल प्रतिनिधि, एनजीओ, शिक्षाविद और छात्र शामिल थे। सेमिनार में बच्चों की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार, स्कूलों की भूमिका और कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जुलाई महीने के दौरान परिवर्तन सेल ने जिले के 54 सरकारी और निजी स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया। आत्मरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, व्यक्तिगत सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 27 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए।

ऑपरेशन "नाज़ुक" के तहत पुलिस टीम झुग्गी-बस्तियों और संवेदनशील क्षेत्रों तक भी पहुंची। बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी दी गई, बाल शोषण से बचाव, हेल्पलाइन 112 और जरूरत पड़ने पर पुलिस से सहायता लेने के बारे में जागरूक किया गया।

एंकर आउट्रो:

आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई बच्चा लापता होता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी बच्चे को सुरक्षित वापस लाने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

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