23 जुलाई 2026 को विजय विहार थाना क्षेत्र में शाम की मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग के दौरान दिल्ली पुलिस की सतर्कता से एक हथियारबंद संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया। कॉन्स्टेबल रवि यादव (नंबर 1730/RD) और कॉन्स्टेबल भूपेंद्र (नंबर 2731/RD) नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान फेज-II स्थित श्मशान घाट रोड पर कूड़े के ढेर के पास उन्होंने एक संदिग्ध युवक को देखा।
पुलिसकर्मियों को देखते ही युवक ने अचानक अपना रास्ता बदल लिया और झंडा चौक की ओर तेजी से बढ़ने लगा। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगा। कॉन्स्टेबल रवि यादव ने करीब 15 से 20 कदम तक पीछा कर उसे दबोच लिया, जबकि कॉन्स्टेबल भूपेंद्र भी तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी को काबू करने में सहयोग किया।
तलाशी के दौरान आरोपी की जींस से एक अत्याधुनिक पिस्तौल और बाईं जेब से दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी हथियार और कारतूस रखने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद हथियार और कारतूस जब्त कर विजय विहार थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत FIR संख्या 388/2026 दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने यह पिस्तौल अपराध करने के इरादे से नोएडा निवासी राहुल नामक व्यक्ति से खरीदी थी। उसने यह भी बताया कि वह विजय विहार में रहने वाले अपने भाई कुलदीप से मिलने आया था। पुलिस अब हथियार सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान, हथियार के स्रोत, आरोपी की आपराधिक योजना और अन्य मामलों में उसकी संभावित संलिप्तता की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित आपराधिक घटना को टाल दिया गया।

