दिल्ली पुलिस की पश्चिमी जिला टीम ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्र' शुरू किया। यह 72 घंटे का एक इंटेंसिव ऑपरेशन था, जिसमें जिले के अलग-अलग इलाकों में पुलिस टीमों ने लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाया।
इस दौरान पुलिस ने जाल बिछाकर 25 शातिर और कुख्यात ऑटो लिफ्टरों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें कई ऐसे अपराधी भी शामिल हैं, जिनका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो पहले भी वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कुल 116 चोरी के वाहन बरामद किए हैं। बरामद वाहनों में 113 दोपहिया वाहन, 2 थ्री-व्हीलर और 1 फोर-व्हीलर शामिल है।
पुलिस का दावा है कि इन वाहनों की बरामदगी से वाहन चोरी के 116 मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल चोरी की गाड़ियां बरामद करना नहीं था, बल्कि उन पूरे नेटवर्क तक पहुंचना था जो चोरी के वाहनों को अलग-अलग राज्यों और बाजारों में बेचने या खपाने का काम करता है।
इसी रणनीति के तहत पुलिस ने तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड ऑपरेशन के जरिए इस सिंडिकेट तक पहुंच बनाई और पूरे गिरोह पर शिकंजा कस दिया।

