दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाई-टेक तरीके से लग्जरी गाड़ियां चोरी करने वाले अंतरराज्यीय ऑटो-लिफ्टिंग गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो कुख्यात ऑटो-लिफ्टरों को गिरफ्तार कर चार चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं। आरोपियों ने वाहन चोरी के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और टैबलेट का इस्तेमाल कर कारों के सिक्योरिटी सिस्टम को हैक करने का तरीका अपना रखा था।
एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (ARSC), क्राइम ब्रांच, दिल्ली को वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो शातिर ऑटो-लिफ्टरों को गिरफ्तार किया है, जो 20 से अधिक वाहन चोरी की वारदातों में शामिल पाए गए हैं। लंबे समय से इनकी तलाश की जा रही थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद हाई-टेक तरीके से चोरी को अंजाम देते थे। वे इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट और विशेष डिवाइस की मदद से कारों के सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास कर देते थे। इसके बाद मौके पर ही डुप्लीकेट डिजिटल चाबी प्रोग्राम कर कुछ ही मिनटों में गाड़ी लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार चोरी के वाहन बरामद किए हैं। इनमें टोयोटा इनोवा क्रिस्टा, किआ सेल्टोस और मारुति बलेनो जैसी गाड़ियां शामिल हैं। बरामद वाहनों के संबंध में पुलिस आगे की जांच कर रही है और अन्य मामलों की भी कड़ियां जोड़ रही है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर हरियाणा के कैथल में विशेष अभियान चलाया। ऑपरेशन के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और चोरी के वाहन भी बरामद कर लिए गए। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में वाहन चोरी के कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है।
दिल्ली पुलिस अब आरोपियों के पूरे नेटवर्क और उनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। इस सफल कार्रवाई को इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी के नेतृत्व में, एसीपी संजय नागपाल के निर्देशन तथा डीसीपी श्री चंद्र कुमार सिंह की देखरेख में अंजाम दिया गया।

